सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम 2020

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सिविल सेवा परीक्षा का नाम सुनते ही हमारे मस्तिष्क में एक ही बात आती है “IAS” की. इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस. भारतीय प्रशासनिक सेवा अखिल भारतीय सेवाओं में से एक. इसके अधिकारी अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी होते हैं जिस की भर्ती संघ लोक सेवा आयोग द्वारा होती है मतलब UPSC के द्वारा. आज हम बात “IAS” पर नहीं बल्कि उसके पाठ्यक्रम पर करेंगे.

इसके पाठ्यक्रम को हम मुख्य रूप से तीन वर्गों में विभाजित कर सकते हैं –

1. प्रारंभिक परीक्षा – प्रारंभिक परीक्षा में 2 पेपर होते हैं पहला पेपर “सामान्य अध्ययन” का होता है जबकि दूसरा पेपर सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा (Civil Services Aptitude test) जिसको आमतौर पर सीसैट कहा जाता है और यह क्वालीफाइंग पेपर के रूप में होता है मतलब सीसैट के अंक नहीं जोड़े जाते. दोनों प्रश्न पत्र 200-200 अंकों के होते है. पहला प्रश्न पत्र जोकि सामान्य अध्ययन का होता है मैं दो दो अंकों के 100 प्रश्न होते हैं जबकि दूसरे प्रश्न पत्र मैं 2.5-2.5 अंको के 80 प्रश्न. दोनों प्रश्न पत्रों में नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था है जिसके लिए 3 उत्तर गलत होने पर एक सही उत्तर के बराबर अंक काटा जाता है. क्योंकि सीसैट पेपर को सिर्फ क्वालीफाइंग कर दिया गया है तो प्रारंभिक परीक्षा पास करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को सीसैट पेपर में सिर्फ 33% अंक प्राप्त करने होते हैं यदि वह इससे कम अंक प्राप्त करता है तो उसे फेल माना जाता है मसलन कट ऑफ का निर्धारण सिर्फ प्रथम प्रश्न पत्र यानी कि सामान्य अध्ययन के आधार पर किया जाता है.

2. मुख्य परीक्षा – सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में कुल मिलाकर 9 प्रश्न पत्र होते हैं जिसमें कुछ अनिवार्य रूप से होते हैं और कुछ वैकल्पिक विषयों के रूप में. पहला प्रश्न पत्र निबंध का जो 250 अंकों का होता है एक अनिवार्य प्रश्न पत्र है. दूसरा, तीसरा, चौथा और पांचवां यह चारों प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन के होते हैं जिसमें हर प्रश्न पत्र 250 अंक का होता है यह चारों प्रश्न पत्र अनिवार्य रूप से होते हैं. छठा और सातवां यह दोनों प्रश्न पत्र वैकल्पिक विषय के आधार पर होते हैं जिसे आप वैकल्पिक विषय के अंतर्गत विज्ञप्ति में दिए गए विषयों में से चुन सकते हैं यह दोनों प्रश्न पत्र 250-250 अंकों के होते हैं. अब बचे दो प्रश्न पत्र जिसमें एक अंग्रेजी भाषा का होता है जोकि क्वालीफाइंग होता है और दूसरा हिंदी या संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कोई भी भाषा चयन कर सकते हैं यह दोनों प्रश्न पत्र 300-300 के अंक के होते हैं. यह भी क्वालीफाइंग पेपर होता है. यदि हम दोनों क्वालीफाइंग पेपर को छोड़कर सारे अंको को जोड़ें तो कुल मिलाकर 1750 अंक होते हैं मुख्य रूप से सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 1750 अंको का ही है. “क्वालीफाइंग पेपर में पास करने के लिए 33% अंक अनिवार्य है.”

3. व्यक्तित्व परीक्षण – व्यक्तित्व परीक्षण जो उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा पास कर मुख्य परीक्षा देते हैं और फिर मुख्य परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों को व्यक्तित्व परीक्षण से गुजरना पड़ता है जो 275 अंक के होते हैं कुल मिलाकर 2025 अंकों का यह परीक्षा होता है जो भी उम्मीदवार इस परीक्षा में सफल होते हैं वे अखिल भारतीय सेवाओं में जाते हैं. अगले आर्टिकल में मैं प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम को आसान भाषा में समझाने का प्रयत्न करूंगा अगर आपको ए आर्टिकल पसंद आया तो successnow.in के फेसबुक पेज को लाइक करें ताकि आपको हर आर्टिकल का अपडेट मिलता रहे, धन्यवाद.

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